सहजन के फायदे इन हिंदी (Moringa powder health benefits in hindi)

भारतीय उपमहाद्वीप में उगने वाले वृक्षों में से एक सहजन भी गुणकारी और अत्यंत उपयोगी है। इसके फल, फूल और पत्ती से जहां स्वादिष्ट सब्जी बनती है, वहीं इसके स्वरस सहित अन्य भागों के अनेक उपचारीय पक्ष भी हैं।

What is moringa powder in Hindi

(Moringa in hindi) सहजन की कई प्रजातियां पाई जाती हैं, लेकिन इनमें दो प्रमुख हैं – बारहमासी और मौसमी। बारहमासी सहजन को ‘मुनगा’ भी कहते हैं, यह कम मिलता है।

मौसमी सहजन भारत के मैदानी भागों में खूब पाया जाता है। इसमें दिसम्बर-जनवरी माह में फूल लगते हैं। मार्च-अप्रैल में इसमें लंबे-लंबे फल लग जाते हैं, जिनकी स्वादिष्ट सब्जी बनती है। मौसमी सहजन का एक वृक्ष वर्षभर में 25 से 40 किलो तक फल देता है। दलदली भूमि को छोड़कर हर प्रकार की मिट्टी में उगने वाला सहजन हर तरह की जलवायु को बर्दाश्त कर लेता है। इसे जल की बहुत कम जरूरत पड़ती है।

तो चलिए जानते हैं सहजन के औषधीय गुण और सहजन के फायदे (Moringa powder health benefits in hindi)

सहजन के औषधीय गुण (Moringa in hindi)

प्राचीन आयुर्वेदिक ग्रंथों में इसकी पर्याप्त चर्चा हुई है। महान आयुर्वेदिक प्रणेता महर्षि सुश्रुत ने अपने विश्व प्रसिद्ध ग्रंथ ‘सुश्रुतसंहिता’ में इसकी चर्चा शिशु रोगों के संदर्भ में करते हुए इसके पुष्प से श्रावित होने वाले अमृत तुल्य रस का वर्णन कर उसे मधुपालन के लिए उपयोगी बताया है। 

सहजन लगभग 300 से अधिक बिमारियों के इलाज में उपयोगी है। भारत और अफ्रीका में प्राचीन काल से ही मोरिंगा का उपयोग हर्बल चिकित्सा में किया जाता रहा है। 

सहजन के पत्ते का औषधीय गुण 

आधुनिक वनस्पति शास्त्रियों ने इसकी पत्तियों में 20 प्रतिशत तक प्रोटीन के साथ ही अन्य लवणों को भी चिह्नित किया है। इसकी पत्तियों में vitamin- A और C पाया जाता है। 

यह स्कर्वी, त्वचा एवं उदर रोगों में अत्यंत उपयोगी है। पेट के गैसजनित रोगों में इसके फल-फूल और पत्ती की सब्जी बहुत लाभकारी रहती है। चोट लगने और जोड़ों के दर्द में इसकी पत्ती को गर्म करने के बाद बांधने से जोड़ों और चोट के दर्द का निवारण होता है। सहजन की पत्तियों के रस से बनी लेप या मरहम से घाव बहुत जल्दी भरते हैं। इसके फल से एक प्रकार का टॉनिक बनाया जाता है। यह मूत्राशय की बीमारियों में भी उपयोगी है। सहजन का फूल, फल और पत्ती गठिया रोग में अत्यंत उपयोगी हैं। 

सहजन की जड़ों का औषधीय गुण

सहजन की जड़ों में दो प्रकार के एल्कोलॉइड भोरीन्गीन (बेन्जाइल एमीन जैसा) तथा मोरीन्गीनीन पाए जाते हैं, जो रक्त दाब और हृदय गति को बढ़ाते हैं तथा ग्रैस्ट्रोइंटेसाइनल तथा फेफड़े के रोगों में बड़े उपयोगी रहे हैं। सहजन की पत्तियों एवं जड़ों में एंटीबायोटिक तत्व पाए जाते हैं।

सहजन के फायदे इन हिंदी (Moringa powder health benefits in hindi)

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उच्च रक्तचाप को कम करने में सहजन के फायदे:- 

पोटेशियम से युक्त फल -सब्जियां उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में सहायक सिद्ध होती हैं और सहजन तो इस मामले में अन्य सब्जियों से बहुत आगे है। सहजन में केले से भी तीन गुना अधिक मात्रा में पोटेशियम पाया जाता है। सहजन पोटेशियम, विटामिन एवं अन्य खनिजों से भरपूर है। यह रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने सहायक है। 

 सहजन की पत्तियों का काढ़ा उलटी, घबराहट या चक्कर आने जैसी समस्याओं में भी राहत देता है। सहजन की पत्तियों का रस हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) के मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद सिद्ध होता है। सहजन (Moringa) में नियाजिमिनिन और आइसोथायोसायनेट नामक तत्व पाए जाते हैं, जो धमनियों में रक्त के जमाव को रोकते हैं और ब्लड प्रेशर (High BP) को को भी नियंत्रित करते हैं। 

पाचन समस्याओं को दूर करने में सहजन के फायदे :- 

सहजन पेट से सम्बंधित कई प्रकार की समस्याओं में बहुत फायदेमंद है। यह पाचन तंत्र को मजबूत करता है और कब्ज, पेट में गैस, पेट के दर्द और अल्सर जैसी समस्याओं से निजात दिलाता है। इसमें एंटी- अल्सर गुण पाए जाते है और यह लिवर से सम्बंधित समस्याओं में भी राहत देता है।  पेट दर्द में तो सहजन की छाल भी बहुत लाभ पहुंचाती है। सहजन को अनेकों दवाइयों के स्थान पर हर्बल औषधी के रूप में प्रयोग किया जा सकता है। 

सहजन एक बेहतरीन एंटीबायोटिक है और इसमें एंटीबैक्टीरियल गुण भी पाए जाते हैं। यह कोलिफोर्म बैक्टीरिया जिसके कारण दस्त की समस्या होती है और अन्य कई बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकता है जिससे दस्त में राहत मिलती है। 

सहजन पाचन से जुडी कई बिमारियों जैसे दस्त, पीलिया, हैजा और कोलाइटिस में उपयोगी है। सहजन की सब्जी भी मुत्राशय और गुर्दे की पथरी को निकलने में सहायक होती है। 

सहजन की पत्तियों का रस निकाल कर एक चम्मच रास में नारियल पानी और एक चम्मच शहद मिलाकर पीने से दस्त, पीलिया, हैजा, पेचिस जैसे रोगों में फायदा मिलता है। 

सिर दर्द दूर करने में सहजन (Moringa) के बीज 

सहजन सिर दर्द को दूर करने में काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। इसमें दर्द और सूजन को कम करने वाले गुण पाए जाते हैं और यह कई प्रकार के दर्द से निजात दिलाने में मददगार है जैसे सिरदर्द, जोड़ों का दर्द, माइग्रेन, गठिया, अंदरूनी चोट का दर्द आदि। सहजन के पत्तों को पीस कर घाव पर लगाने से दर्द में राहत मिलती है। इसके अलावा सहजन की सब्जी भी सिरदर्द दूर करने में मदद करती है। सहजन की जड़ का रस भी इसमें फायदेमंद है। वैसे तो सहजन की जड़ से लेकर पत्ते, फली और बीज सब कुछ हमारे लिए गुणकारी है। 

  • इसके लिए सहजन की जड़ का रस निकाल लें और उसमें रस के बराबर मात्रा का शुद्ध गुड़ मिला लें।  अब इस मिश्रण को छान लें। इसकी 1-1 बूँद नाक में डालने से सिर दर्द की समस्या में राहत मिलेगी। 
  • सर्दी लगने से अगर सर दर्द (Headache) हो रहा हो तो सहजन के पत्तों को जल में पीस कर लेप करने से सिर दर्द में आराम मिलेगा। 
  • सहजन के पत्तों का पेस्ट घाव के स्थान पर लगाने से दर्द में राहत मिलती है। 
  • (Moringa) सहजन के बीजों से बने पाउडर का उपयोग नस्या आयुर्वेदिक उपचार (Nasya ayurvedic treatment) में भी सिरदर्द दूर करने के लिए किया जाता है। 

बालों के पोषण में सहजन के फायदे :- 

कहा जाता है की जो हम खाते हैं, वही हमारे रंग रूप में निखर कर सामने आता है। हमारे शरीर को मिलने वाला पोषण बालों की सेहत और वृद्धि को भी प्रभावित करता है। सहजन बालों के लिए जरुरी सभी आवश्यक पोषक तत्वों का भण्डार है। सहजन में पोटेशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन, मैगनीज़, तांबा, ज़िंक और सेलेनियम जैसे पोषक तत्व मौजूद हैं जो स्वस्थ बालों के लिए फायदेमंद है। 

इसके अतिरिक्त सहजन में पाए जाने वाले Vitamin- A और Vitamin- E  विशेष से बालों की लिए लाभकारी है। Vitamin- E एंटी-ऑक्सीडेंट के रूप में काम करता है और सिर की त्वचा रक्त का संचार तेज करता है और बालों को स्वस्थ, सुन्दर और चमकदार बनता है। यह बालों को घना करने में सहायक है। 

बालों के अच्छे विकास के लिए सहजन पाउडर (Moringa powder) का प्रयोग किया जा सकता है। यह बालों की वृद्धि को गति देता है और कम उम्र में ही बालों का बढ़ना कम हो गया हो या बाल कम हो गए हो, तो बालों की वृद्धि और नए बाल उगाने में भी सहायक है। 

सामान्यतः हमारे बालों में तेल अधिक होने से झड़े हुए बालों के स्थान पर नए बाल आने की जगह छिद्र बंद हो जाते हैं और फिर वहाँ कभी दोबारा बाल नहीं आते। लेकिन सहजन में सिलिका और जस्ता पाए जाते हैं जो छिद्रों को बंद होने से रोकते हैं जो बालों के लिए Sebum (सीबम) का उत्पादन करने के लिए उत्तरदाई है। 

शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने में ड्रमस्टिक (Drumstick) के फायदे :- 

शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने और गतिशीलता बढ़ाने में सहजन बहुत ही लाभकारी है। सहजन में विटामिन, कैल्शियम, ज़िंक और आयरन जैसे तत्व मौजूद हैं जो स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है। जहाँ ज़िंक शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने, वीर्य को गाढ़ा करने और लिंग को मजबूत करने में सहायक है वहीं आयरन खून की की कमी नहीं होने देता और खून का उत्पादन बढ़ा देता है। 

Bureau of Plant Industry द्वारा शोध में यह प्रमाणित किया गया है कि सहजन की फली का नियमित सेवन किये जाने से शुक्राणुओं की संख्या में वृद्धि होती है। इसके आलावा सहजन की छाल भी semen (सीमेन) के पतलेपन की समस्या समाप्त करती है और sperm (स्पर्म) की संख्या में वृद्धि करती है। 

पुरुषों के अतिरिक्त महिलाओं के लिए भी सहजन के अनेक लाभ हैं। महिलाओं में माहवारी के दौरान होने वाली समस्याओं और गर्भाशय से सम्बंधित परेशानियों में भी सहजन लाभकारी है। 

त्वचा को जवां रखने में सहजन के फायदे (Moringa powder benefits for skin in hindi):- 

शारीरिक स्वास्थ्य के लिए तो सहजन बहुत फायदेमंद है, लेकिन त्वचा सम्बन्धी स्वास्थ्य में भी सहजन (Moringa) के अनेक फायदे हैं। सहजन में पाए जाने वाले एंटीवायरल, एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुण हमारी त्वचा को पसीने, प्रदुषण और अनेकों रासयनिक उत्पादों से होने वाले हानिकारिक दुष्प्रभावों से बचाने में सक्षम है। सहजन त्वचा को बहुत ही बेहतरीन डिऑक्सीफाई करता है और हाइड्रेट रखता है। 

यह त्वचा को अनेकों संक्रमणों से बचाए रखता है इसीलिए इसका प्रयोग कई सौन्दर्य उत्पादों में भी किया जाता है। सहजन के बीजों का तेल लगाने से त्वचा  रौनक आती है और त्वचा चमकदार बनती है। सहजन के बीजों का तेल एक्जिमा और सोरायसिस जैसे रोगों के उपचार में कारगर है।  Blackheads की समस्या को भी दूर करता है। मोरिंगा तेल में पाया जाने वाला प्राकृतिक Vitamin- C कोलेजन को बढ़ाता है, जो झुर्रियों को कम करने में मदद करता है। 

(Moringa) सहजन त्वचा की सुंदरता को बनाये रखने के जरुरी Vitamine- A का  मुख्य स्रोत है। सहजन में Iron (लोहा) भी पाया जाता है। Iron शरीर में खून को साफ़ रखता है, जिससे चारि पर पिंपल्स (मुहासे) नहीं होते और त्वचा हमेशा दमकती रहती है। सहजन में पाया जाने वाला प्रोटीन त्वचा को पोषण प्रदान करता है और त्वचा तरोताजा बनी रहती है। 

सिर्फ स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि त्वचा को भी स्वस्थ रखना आवश्यक है। आपकी त्वचा भी आपके अच्छे और बुरे स्वास्थ्य के बारे में संकेत देती है। अगर त्वचा में चमक न हो तो इसका मतलब यह है कि आपकी त्वचा स्वस्थ नहीं है। ऐसे में सहजन या सहजन की पत्तियों के सेवन से आप अपनी त्वचा को स्वस्थ बना सकते हैं। सहजन में मौजूद एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल व एंटीफंगल गुण त्वचा के रैशेज, त्वचा संबंधी संक्रमण या अन्य त्वचा संबंधी बीमारियों के जोखिम से बचाव कर सकते हैं। 

सहजन की पत्तियों में Vitamin- B, प्रोटीन, प्रो प्रोटीन और बीटा कैरोटीन पाया जाता है जो चेहरे की चमक और बालों की सेहत के लिए बहुत अच्छा है। इसके लिए सहजन की पत्तियों को पीस कर बालों और चेहरे पर लगा सकते हैं। 

सहजन के चूर्ण को फेस पैक के रूप में भी काम लिया जा सकता है। इसके लिए सहजन के चूर्ण (Moringa Powder) को चन्दन पाउडर या मुल्तानी मिटटी के साथ मिला कर प्रयोग कर सकते हैं। इस पेस्ट का नियमित प्रयोग चेहरे को चमकदार और उज्जवल बनता है। 

गर्भावस्था में सहजन खाने के फायदे (Pregnancy me Sahjan ke fayde) moringa powder benefits for females

वैसे तो सहजन को कोई भी कभी भी खा सकता है और सब्जी के रूप में भी यह बहुत फायदेमंद है। लेकिन गर्भावस्था में भी इसके अनेक फायदे हैं। इसमें मौजूद Vitamin- A, Vitamin- C, कैल्शियम, आयरन और कैरोटीन फॉस्फोरस गर्भावस्था में बहुत लाभ पहुंचाते हैं। 

सहजन की फलियाँ और पत्तियाँ दोनों ही बहुत से गुणों से भरपूर है। फलियों को सब्जी के रूप में और पत्तियों को पानी में उबाल कर प्रयोग कर सकते हैं। 

गर्भावस्था में सहजन खाने के फायदे 

  • गर्भावस्था में सहजन खाने से शारीरिक कमजोरी दूर होती है और प्रसव (delivery / डिलीवरी) के दौरान आने वाली परेशानियाँ दूर हो कर प्रसव आसानी से हो जाता है। 
  • सहजन में पाए जाने वाले एंटी- बैक्टीरियल गुण गर्भावस्था में होने वाले संक्रमण (infection) से भी बचाने में सहायता करते हैं। 
  • गर्भावस्था में मतली (जी मचलाना), चक्कर आना, बार-बार उलटी आना, और बुखार जैसी परेशानियों में भी सहजन लाभ पहुँचाती है। 
  • गर्भावस्था में पेट से जुडी समस्याओं में भी सहजन फायदेमंद है। यह कब्ज, पीलिया और डायरिया से बचता है। 
  • सहजन में प्रचुर मात्रा में आयरन (Iron) पाया जाता है। इस कारण शरीर में खून की कमी नहीं होती। सहजन का सेवन करने से खून भी साफ होता है। 
  • सहजन विटामिन, कैल्शियम, आयरन आदि अनेक तत्वों से भरपूर है जो हड्डयों को मजबूत करता है। गर्भावस्था में डॉक्टर विशेष रूप से कैल्शियम की गोलियाँ खाने की सलाह देते हैं, लेकिन अगर प्राकृतिक रूप से कैल्शियम लिया जाये तो और भी बेहतर है। 
  • सहजन मधुमेह (diabetes) से बचाता है और सहजन की पत्तियां गर्भवती महिलाओं में ब्लड शुगर नियंत्रित रखने में मददगार  है।

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सहजन की सब्जी के फायदे

(Sahjan ki sabji ke fayde in hindi)  सहजन में गाजर से 4 गुना अधिक vitamin- A, संतरे से 7 गुना अधिक vitamin- C, दही से 3 गुना अधिक प्रोटीन, दूध से 4 गुना अधिक कैल्शियम और केले से 3 गुना अधिक पोटेशियम की मात्रा पाई जाती है।  इतने गुणों से भरपूर होने के साथ ही सहजन में अत्यधिक मात्रा में फाइबर पाया जाता है जो पाचन तंत्र को मजबूत करता है और कब्ज को दूर कर पेट सम्बंधित समस्याओं में आराम देता है। यह वजन संतुलित रखने में भी लाभकारी है।

मोरिंगा लेने के साइड इफेक्ट क्या है? (Moringa powder side effects)

जिन लोगों को हाई- ब्लड प्रेशर की समस्या हे उनके लिए तो सहजन का सेवन फायदेमंद हो सकता है लेकिन लो- ब्लड प्रेशर वाले लोगों को सहजन का सेवन करने से बचना चाहिए क्योंकि सहजन के सेवन से ब्लड प्रेशर और काम हो सकता है।

सहजन का सेवन करने से मधुमेह (डायबिटीज) के रोगियों को फायदा हो सकता है लेकिन इसका सेवन उचित मात्रा में ही करना चाहिए क्योंकि अधिक सेवन से ब्लड ग्लूकोज़ का स्तर काम हो सकता है, जो स्वास्थ्य के लिए काफी खतरनाक है।

गर्भावस्था में सहजन की फली और पत्तियों का सेवन तो किया जा सकता है।(1) लेकिन सहजन की छाल का सेवन निषेध है क्योंकि इसके सेवन से गर्भपात होने की संभावना है।(2)

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सामान्य प्रश्न / FAQ

मोरिंगा पाउडर के क्या क्या फायदे हैं?

पाचन क्रिया को अच्छा रखता है।
मोटापा कम करने में फायदेमंद है।
त्वचा को सुन्दर और तारो- ताजा बनाए।
बालों के लिए फायदेमंद है।
रक्तचाप को कम करता है।
पुरुषों में शुक्राणुओं की संख्या बढ़ता है।

मोरिंगा लेने के साइड इफेक्ट क्या है?

निम्न रक्त चाप यानि लो ब्लड प्रेशर के लोगों को सहजन का सेवन नहीं करना चाहिए।
गर्भवती महिलाओं को इसकी छाल का सेवन नहीं करना चाहिए। सहजन की पत्तियों और फलियों का सेवन किया जा सकता है।
मधुमेह (डायबिटीज) के मरीजों को सहजन के सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर ले लेनी चाहिए।

मोरिंगा का उपयोग कैसे करें?

मोरिंगा की फलियों को सब्जी बनाने में उपयोग कर सकते हैं।
मोरिंगा के बीज फाइबर से भरपूर होते हैं जो पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद होते हैं।
मोरिंगा पाउडर को पानी के साथ सेवन किया जा सकता है लेकिन इसके अलावा इसे सब्जी बनाते समय भी सब्जी में डाला जा सकता है और सूप बनाने के लिए भी काम में ले सकते हैं। इससे पोषण और स्वाद दोनों बढ़ती है।

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